डीबी एमएस कदमा गर्ल्स हाई स्कूल ने शिक्षा और खेलकूद के संतुलन की मिसाल कायम की है.यह पहला स्कूल भी नहीं है पर इसकी खेलकूद से समानांतर और विशिष्ट पहचान बन गयी है, यहाँ की खेल शिक्षिका सुप्रभा पंडा स्कूली बच्चों में जीवटता का संचार करने में हमेशा प्रयासरत रहती है.पेशेवर अंदाज़ में स्कूल प्रबंधन को गौरान्वित करने का कोई मौका भी नहीं छोड़ती हैं. एनआई एस कोच सुप्रभा अपने स्कूल में वालीबाल का डेबोर्डिंग सेण्टर चला रही हैं.गरीबी रेखा से नीचे के बच्चों को खेल कूद के बहाने मुख्यधारा से जोड़ने का काम कर रही हैं.उनकी लगन की सरकारी स्तर पर भी चर्चा है.बच्चे अच्छा कर रहे हैं, उनके खेल शैली व प्रदर्शन में तेज़ी से गुणात्मक निखार के साथ विकास हो रहा है. यहाँ शहर की कई स्कूलों के बच्चों ने ६ से १० अप्रैल २०१० तक अंतर स्कूल बास्केटबाल टूर्नामेंट का खूब मज़ा लिया, पूर्व अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी सुनील पंडा ने इनका मनोबल ऊंचा किया.Wednesday, April 7, 2010
शिक्षा और खेल का संतुलन
डीबी एमएस कदमा गर्ल्स हाई स्कूल ने शिक्षा और खेलकूद के संतुलन की मिसाल कायम की है.यह पहला स्कूल भी नहीं है पर इसकी खेलकूद से समानांतर और विशिष्ट पहचान बन गयी है, यहाँ की खेल शिक्षिका सुप्रभा पंडा स्कूली बच्चों में जीवटता का संचार करने में हमेशा प्रयासरत रहती है.पेशेवर अंदाज़ में स्कूल प्रबंधन को गौरान्वित करने का कोई मौका भी नहीं छोड़ती हैं. एनआई एस कोच सुप्रभा अपने स्कूल में वालीबाल का डेबोर्डिंग सेण्टर चला रही हैं.गरीबी रेखा से नीचे के बच्चों को खेल कूद के बहाने मुख्यधारा से जोड़ने का काम कर रही हैं.उनकी लगन की सरकारी स्तर पर भी चर्चा है.बच्चे अच्छा कर रहे हैं, उनके खेल शैली व प्रदर्शन में तेज़ी से गुणात्मक निखार के साथ विकास हो रहा है. यहाँ शहर की कई स्कूलों के बच्चों ने ६ से १० अप्रैल २०१० तक अंतर स्कूल बास्केटबाल टूर्नामेंट का खूब मज़ा लिया, पूर्व अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी सुनील पंडा ने इनका मनोबल ऊंचा किया.
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